TRAI द्वारा ‘बिट-रेट सैटेलाइट संचार सेवाओं’ को प्रोत्साहन
हाल ही में, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने बिट-रेट सैटेलाइट संचार सेवाओं को प्रोत्साहित करने के तरीकों से संबंधित सुझाव दिए हैं।
- भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (Telecom Regulatory Authority of India:TRAI) ने ‘लो बिट-रेट अनुप्रयोगों के लिए सैटेलाइट आधारित कनेक्टिविटी हेतु लाइसेंसिंग फ्रेमवर्क पर परामर्श-पत्र जारी किया है।
- लो बिट-रेट अनुप्रयोग (Low Bit Rate Applications) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित उपकरण ऐसे उपकरण होते हैं, जो न्यूनतम क्षति के साथ संकेतों (Signals) को प्रेषित करने का कार्य प्रभावी ढंग से निष्पादित करते हैं।
- यह ऐसे सुदूर तथा दुर्गम क्षेत्रों के कवरेज में सहायता प्रदान करेगा, जहां स्थलीय कवरेज या अन्य कनेक्टिविटी विकल्प उपलब्ध नहीं हैं। इस प्रकार इससे कनेक्ट इंडिया मिशन को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) के बारे में
- यह अंतर-संबंधित कंप्यूटिंग उपकरणों, यांत्रिक और डिजिटल मशीनों, वस्तुओं,पशुओं या लोगों की एक भौतिक प्रणाली है, जिसे विशिष्ट पहचानकर्ता (unique Identiflore: UIDs) प्रदान किए जाते हैं।
- इनमें मानव-से-मानव या मानव-से-कंप्यूटर संपर्क की आवश्यकता के बिना नेटवर्क पर डेटा प्रेषित करने की क्षमता होती है।
- इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी प्रारूप IT नीति के अंतर्गत IoT- विशिष्ट पहलों के संचालन हेतु समितियों की स्थापना का प्रावधान किया गया है।
- भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया मिशन के हिस्से के रूप में IoT का लाभ प्राप्त करने की एक योजना की रूपरेखा भी तैयार की है।
स्रोत –द हिन्दू
