आईओसी का ग्रीन हाइड्रोजन विकास के लिए संयुक्त उद्यम

आईओसी का ग्रीन हाइड्रोजन विकास के लिए संयुक्त उद्यम

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), लार्सन एंड टुब्रो (L&T), और ReNew Power (ReNew) ने भारत में ‘हरित हाइड्रोजन क्षेत्र’ (Green Hydrogen sector) को विकसित करने के लिए एक ‘संयुक्त उद्यम’ (Joint Venture – JV) कंपनी स्थापित करने के लिए एक बाध्यकारी शर्त-पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।

संयुक्त उद्यम का लक्ष्य “औद्योगिक पैमाने” पर हरित हाइड्रोजन की आपूर्ति करना होगा।

महत्व:

  • भारत ‘हरित हाइड्रोजन’ का केंद्र बन सकता है, क्योंकि इसको देश में अक्षय ऊर्जा की प्रचुर मात्रा उपलब्ध होने का एक अंतर्निहित लाभ मिल सकता है।
  • भारत, एक उष्णकटिबंधीय देश होने और अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियों और प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक संसाधनों के कारण, ‘हरित हाइड्रोजन’ (Green Hydrogen) उत्पादन में एक महत्वपूर्ण लाभप्रद स्थित में है।
  • भारत में, नवीकरणीय ऊर्जा से हाइड्रोजन का उत्पादन, प्राकृतिक गैस से इसका उत्पादन करने की तुलना में सस्ता होने की संभावना है।

इस संबंध में किये जा रहे प्रयास:

  • केंद्र सरकार द्वारा ‘राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन’ पर मसौदा दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, जिसका लक्ष्य घरेलू आवश्यकताओं के लगभग 40 प्रतिशत को पूरा करने के लिए वर्ष 2030 तक हाइड्रोजन उत्पादन को 5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) तक बढ़ाना है।
  • केंद्र सरकार द्वारा ‘इलेक्ट्रोलाइजर्स’ (Electrolysers) के लिए 15,000 करोड़ रुपये की ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटि’व (PLI) योजना शुरू करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
  • फरवरी में, केंद्र सरकार द्वारा ‘हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया नीति’ को अधिसूचित किया गया था, जिसके तहत, जुलाई 2025 से पहले ‘हरित हाइड्रोजन’ उत्पादन के लिए स्थापित किसी भी नए अक्षय ऊर्जा संयंत्रों के लिए 25 साल की मुफ्त बिजली प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।
  • सरकार, तेल शोधन, उर्वरक और इस्पात क्षेत्रों को अपनी आवश्यकताओं के एक निश्चित अनुपात के लिए हरित हाइड्रोजन की खरीद के लिए आवश्यक अधिदेश लागू करने की भी योजना बना रही है।

हरित हाइड्रोजन / ग्रीन हाइड्रोजन क्या है?

नवीकरणीय / अक्षय ऊर्जा का उपयोग करके ‘विद्युत अपघटन’ (Electrolysis) द्वारा उत्पादित हाइड्रोजन को ‘हरित हाइड्रोजन’ (Green Hydrogen) के रूप में जाना जाता है। इसमें कार्बन का कोई अंश नहीं होता है।

ग्रीन हाइड्रोजन का महत्व:

  • भारत के लिए अपने ‘राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान’ (Nationally Determined Contribution– INDC) लक्ष्यों को पूरा करने तथा क्षेत्रीय और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा, पहुंच और उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ‘ग्रीन हाइड्रोजन’ ऊर्जा काफी महत्वपूर्ण है।
  • ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण विकल्प के रूप में कार्य कर सकता है, जो भविष्य में नवीकरणीय ऊर्जा के अंतराल को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
  • परिवहन के संदर्भ में, शहरों के भीतर या राज्यों के मध्य लंबी दूरी की यात्रा या माल ढुलाई के लिए, रेलवे, बड़े जहाजों, बसों या ट्रकों आदि में ग्रीन हाइड्रोजन का उपयोग किया जा सकता है।

स्रोत – द हिन्दू

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