भारत – सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी परिषद (एसपीसी) की पहली संपन्न 

भारत – सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी परिषद (एसपीसी) की पहली संपन्न 

हाल ही में भारत-सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी परिषद (स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप काउंसिल- एसपीसी) प्रथम बैठक का आयोजन किया गया है ।

  • G-20 बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और क्राउन प्रिंस बिन सलमान ने भारत-सऊदी रणनीतिक साझेदारी परिषद (एसपीसी) की पहली बैठक की सह-अध्यक्षता की।
  • इसे भारत – सऊदी अरब संबंधों को मजबूत करने लिए एक उच्च स्तरीय परिषद के रूप में स्थापित किया गया था । विदित हो कि ‘एसपीसी’ की स्थापना 2019 में की गई थी। ।
  • बैठक में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सौद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापार और सुरक्षा संबंधों के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापक चर्चा की।
  • ब्रिटेन, फ्रांस और चीन के बाद भारत चौथा देश बन गया, जिसके साथ रियाद ने इस तरह की रणनीतिक साझेदारी की है।

SPC बैठक के मुख्य बिंदु:

  • 50 बिलियन डॉलर की वेस्ट कोस्ट रिफाइनरी परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।
  • इसका लक्ष्य महाराष्ट्र के रत्नागिरी में 60 मिलियन टन वार्षिक क्षमता वाली एशिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी स्थापित करना है।
  • यह अरामको/ARAMCO (सऊदी अरब), अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी /ADNOC (संयुक्त अरब अमीरात) और भारतीय कंपनियों के बीच एक त्रिपक्षीय परियोजना है।
  • दोनों देश विद्युत और ग्रिड इंटरकनेक्शन स्थापित करने पर सहयोग करेंगे। साथ ही, हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में वर्तमान साझेदारी का विस्तार कर इसे व्यापक ऊर्जा साझेदारी में बदलने का निर्णय लिया गया है।
  • दोनों देशों ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा; डिजिटलीकरण और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण; द्विपक्षीय निवेश को बढ़ाने, समुद्री जल के अलवणीकरण जैसे क्षेत्रकों में समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।

भारत – सऊदी अरब संबंधों का महत्त्व:

  • भू-सामरिक: पश्चिम एशिया में सऊदी अरब की सामरिक अवस्थिति इस क्षेत्र में भारत की विदेश नीति की प्राथमिकताओं के तहत इसे एक महत्वपूर्ण देश बनाती है ।
  • आर्थिक सहयोग: वित्त वर्ष 2022-23 में भारत और सऊदी अरब के बीच द्विपक्षीय व्यापार अभूतपूर्व रूप से बढ़कर 52.75 बिलियन डॉलर हो गया है । सऊदी अरब को भारत का निर्यात 10.7 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो 2021-22 में दर्ज 8.8 बिलियन डॉलर से उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। भारत, सऊदी अरब का दूसरा सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है, जबकि सऊदी अरब भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापार भागीदार देश है ।
  • ऊर्जा सुरक्षा: सऊदी अरब वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान भारत का तीसरा सबसे बडा कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का आपूर्तिकर्ता रहा है । भारत ने वित्त वर्ष 2022-23 में सऊदी अरब से 39.5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कच्चे तेल का आयात किया, जो इसके कुल कच्चे तेल के आयात का 16.7% है। इसके अलावा, सऊदी अरब से भारत का तरल पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का आयात 7.85 एमएमटी तक पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2023 में पेट्रोलियम गैस के कुल आयात का 11.2% है।
  • सांस्कृतिक: सऊदी अरब में भारतीय समुदाय, लगभग 2.2 मिलियन है, यह सऊदी अरब में सबसे बड़े प्रवासी समूह का प्रतिनिधित्व करता है। भारतीय प्रवासी, सऊदी अरब की आबादी का 7% हिस्सा है , जो देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहर भी यहीं स्थित हैं, जो वार्षिक हज व उमरा यात्रा के लिए प्रसिद्ध हैं ।

स्रोत –  इंडियन एक्सप्रेस

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