तेलंगाना के भद्राचलम मंदिरों में विकास परियोजना की आधारशिला रखी गई

Share with Your Friends

तेलंगाना के भद्राचलम मंदिरों में विकास परियोजना की आधारशिला रखी गई

  • हाल ही में भारत की राष्ट्रपति ने तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडेम जिले के श्री सीता रामचंद्र स्वामीवरी देवस्थानम, भद्राचलम में ‘भद्राचलम मंदिरों के समूह में तीर्थयात्रा सुविधाओं का विकास’ परियोजना की आधारशिला रखी है।
  • उन्होंने राज्य के मुलुगु में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर में तीर्थयात्रा और विरासत अवसंरचना विकास नामक एक अन्य परियोजना की आधारशिला भी रखी।
  • इन दोनों परियोजनाओं को भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ‘PRASHAD’ (नेशनल मिशन ऑन पिलग्रिमेज रिजुविनेशन एंड स्पिरिचुअल हेरिटेज ऑग्मेंटेशन ड्राइव) योजना के तहत मंजूरी दी गई है।

भद्राचलम मंदिरों का समूह

  • भद्राचलम स्थित ‘श्री सीता रामचंद्र स्वामीवरी देवस्थानम मंदिर’ को 350 वर्षों से अधिक पुराना बताया जाता है और रामायण के महाकाव्य से निकटता से जुड़ा हुआ है।
  • ऐसा माना जाता है कि भगवान राम ने अपनी पत्नी देवी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अपने 14 साल के वनवास का कुछ हिस्सा भद्राचलम मंदिर के पास दंडकारण्य वन के एक हिस्से परनासला नामक गांव में बिताया था।
  • मंदिरों का यह समूह गोदावरी नदी के बाएँ तट पर स्थित है।

रुद्रेश्वर मंदिर

  • रुद्रेश्वर मंदिर, (जिसे रामप्पा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है) तेलंगाना में वारंगल के पास, मुलुगु में है और यह भारत का 39वां यूनेस्को विरासत स्थल है।
  • रुद्रेश्वर मंदिर का निर्माण 1213 ईस्वी में काकतीय साम्राज्य के शासनकाल के दौरान काकतीय राजा गणपति देव के सेनापति रेचरला रुद्र द्वारा किया गया था।
  • यहाँ के मुख्य देवता रामलिंगेश्वर स्वामी हैं। 40 वर्षों तक मंदिर में काम करने वाले मूर्तिकार के नाम पर इसे रामप्पा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इसे काकतीय शैली में बनाया गया है।

प्रसाद’ (PRASHAD) योजना:

  • वर्ष 2014-15 में चिह्नित तीर्थ स्थलों के समग्र विकास के उद्देश्य से ‘तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक संवर्द्धन पर राष्ट्रीय मिशन (National Mission on Pilgrimage Rejuvenation and Spiritual Augmentation Drive’- PRASAD)’ पर्यटन मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था।
  • प्रसाद योजना के तहत विकास के लिये कई धार्मिक शहरों/स्थलों की पहचान की गई है जैसे- अमरावती और श्रीशैलम (आंध्र प्रदेश), कामाख्या (असम), परशुराम कुंड (लोहित ज़िला, अरुणाचल प्रदेश), पटना और गया (बिहार) आदि।
  • केंद्र सरकार सार्वजनिक वित्तपोषण के लिये शुरू किये गए परियोजना घटकों हेतु 100% वित्तपोषण प्रदान करती है।

स्रोत – पी.आई.बी.

Download Our App

More Current Affairs

Click to Join Our Current Affairs WhatsApp Group

Join Our Whatsapp Group For Daily, Weekly, Monthly Current Affairs Compilation & Daily Mains Answer Writing Test & Current Affairs MCQ

In Our Current Affairs WhatsApp Group you will get daily Mains Answer Writing Question PDF and Word File, Daily Current Affairs PDF and So Much More in Free So Join Now

Register For Latest Notification

Register Yourself For Latest Current Affairs

January 2023
M T W T F S S
« Dec    
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  

Mains Answer Writing Practice

Recent Current Affairs (English)

Current Affairs (हिन्दी)

Subscribe Our Youtube Channel

Register now

Get Free Counselling Session with mentor

Download App

Get Youth Pathshala App For Free

Open chat
1
Youth Destination IAS . PCS
To get access
- NCERT Classes
- Current Affairs Magazine
- IAS Booklet
- Complete syllabus analysis
- Demo classes
https://online.youthdestination.in/