COP26 के दौरान “वन सन, वन वर्ल्ड एवं वन ग्रिड” पहल

COP26 के दौरान “वन सन, वन वर्ल्ड एवं वन ग्रिड” पहल

हाल ही में COP26 के दौरान “वन सन, वन वर्ल्ड एवं वन ग्रिड” पहल के साथ भारत के प्रधानमंत्री ने वैश्विक सौर ग्रिड का आह्वान किया है।

भारत और ब्रिटेन ने ग्रीनग्रिड इनिशिएटिव- वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड (GG-OSOWOG) का शुभारंभ किया। साथ ही, 80 से अधिक देशों द्वारा समर्थित वन सनघोषणा भी प्रस्तुत की।

वन सन घोषणा के अनुसार, पहल के निम्नलिखित प्रमुख कार्य क्षेत्र होंगे:

  • नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों से संपन्न स्थानों में सौर, पवन, मंडारण और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में निवेश करना।
  • सीमा पार पारेषण के लिए लंबी दूरी की लाइनों का निर्माण करना।
  • विद्युत प्रणालियों के आधुनिकीकरण के लिए अत्याधुनिक तकनीकों और प्रौद्योगिकियों का विकास एवं उपयोग करना।
  • नवोन्मेषी वित्तीय साधनों का विकास करना।
  • सौर ग्रिड अवसंरचना के लिए बाजार संरचनाएं विकसित करना।

इसके अतिरिक्त, ग्लासगो में COP26 जलवायु शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधान मंत्री और उनके ब्रिटिश समकक्ष के बीच द्विपक्षीय वार्ता के दौरान, विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई, जैसेः

  • आतंकवाद का विरोध करना और कुछ चरमपंथी अलगाववादी संगठनों की गतिविधियों को नियंत्रित करने की आवश्यकता पर बल देना।
  • ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी आदि क्षेत्रों में सहयोग में सुधार करना।
  • द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा पर सहयोग को मजबूत करने और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई। चर्चा में अफगानिस्तान की स्थिति का मुद्दा भी शामिल था।
  • भारत ने विश्व बैंक से वित्त पोषण प्राप्त करने के लिए नई यूके इंडिया ग्रीन गारंटी का स्वागत किया।

OSOWOG ने देशों और क्षेत्रों के बीच टाइम जोन, मौसमों, संसाधनों और कीमतों के अंतर का लाभ उठाते हुए, विश्व भर में सौर ऊर्जा को साझा करने हेतु अंतर-क्षेत्रीय ऊर्जा ग्रिड के निर्माण एवं विस्तार की कल्पना की है।

स्रोत –द हिन्दू

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