भारत ने विकसित की एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन तकनीक

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भारत ने विकसित की एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन तकनीक

हाल ही में रक्षा अनुसंधान एवं  विकास संगठन (DRDO) ने  एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन सिस्टम (Air Independent Propulsion) तकनीक को विकसित करने में सफलता हासिल कर ली है।

इस  परीक्षण केबाद समुद्र में भारतीय पनडुब्बियां दुश्‍मन के लिए और घातक साबित होंगी और वे दुश्मन कीपहुँच से भी बाहर होंगी।

इससे पहले यह तकनीकी अमेरिका, फ्रांस, चीन, ब्रिटेन और रूस के पास ही थी । भारत द्वारा इस तकनीकी में सफलता हासिल करना आत्‍मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एक बड़ा कदम है।

एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (Air Independent Propulsion-AIP) तकनीकी  पनडुब्बी को पानी के नीचे लंबे समय तक कार्य करने में सक्षम बनाती है।यहएक नाभिकीय पनडुब्बी की तुलना में इसे शांत रखते हुए सब-सरफेस के प्लेटफॉर्म को और अधिक खतरनाकबनाती  है।

इस तकनीकी के सफल होने से वर्ष 2023 तक सभी कलवरी वर्ग की गैर-परमाणु पनडुब्बियों को एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन तकनीक से लैस किया जाएगा।

विदित हो कि 1615 टन वज़न वाली कलवरी वर्ग की पनडुब्बियों को  फ्रांसीसी नेवल ग्रुप के सहयोग से माझगाव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित किया जा रहा है, जो कि स्कॉर्पीन डिजाइन पर आधारित है।

एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआईपी)

  • पनडुब्बियाँ मुख्यतः दो प्रकार की होती हैं ,पहली पारंपरिक और दूसरी परमाणु क्षमता से लैस।
  • पारंपरिक पनडुब्बियों में डीज़ल-इलेक्ट्रिक इंजन का उपयोग होता है,इस वजह से उन्हें ईंधन दहन हेतु वायुमंडलीय ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ती है और आक्सीजनलेने के लिए उन्हें प्रतिदिन समुद्री सतह पर आना पड़ता है।
  • जबकि‘एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआईपी) प्रणाली’ से युक्त पनडुब्बी को सप्ताह में केवल एक बार ही ऑक्सीजन लेने की आवश्यकता पड़ती है ।
  • यह तकनीक फॉस्फोरिक एसिड फ्यूल सेल पर भी आधारित है। जिस वजह से एआईपी लैस पनडुब्बी को अपनी बैटरी चार्ज करने के लिए सतह पर भी आने की आवश्यकता नहीं होती है और इस तरह यह और लंबे समय तक पानी के नीचे रह सकती है।

फ्यूल सेल आधारित एआईपी से लाभ

  • क्योंकि इसमें एक इलेक्ट्रोलाइटिक फ्यूल सेल हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के संयोजन द्वारा ऊर्जा मुक्त करता है औरफ्यूल सेल आधारित एआईपी तकनीकी में केवल पानी के साथ अपशिष्ट उत्पाद उत्पन्न होता है, जिससे समुद्री प्रदूषण भी कम होता है।
  • यह फ्यूल सेल अत्यधिक ईंधन सक्षम होता है और इससे पनडुब्बी में बहुत कम ध्वनि का उत्सर्जन होता है।

स्रोत – इंडियन एक्सप्रेस

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