‘भारत में आकस्मिक मौतें और आत्महत्याएं’ रिपोर्ट

भारत में आकस्मिक मौतें और आत्महत्याएं रिपोर्ट

एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016 से वर्ष 2020 के बीच आगजनी की घटनाओं में रोजाना 35 लोगों की मौत हुई है

‘भारत में आकस्मिक मौतें और आत्महत्याएं’ नामक रिपोर्ट राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) जारी करता है।

यह रिपोर्ट दिल्ली में हालिया आग लगने की कई घटनाओं के बाद कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को रेखांकित करती है।

इसके अनुसार भारत में आग लगने की घटनाओं और इससे होने वाली मौतों में कमी आयी है।

वर्ष 2016 और वर्ष 2020 के बीच, आग से होने वाली दुर्घटनाओं में 44% की कमी आई है। साथ ही, मरने वालों की संख्या में भी 46% की गिरावट दर्ज की गयी है।

शहरी आग, मुख्य रूप से शहरों या कस्बों में लगती है। यह लोगों के जीवन, संपत्ति और लोक सुरक्षा के लिए समक्ष एक बड़ा खतरा है।

वर्ष 2020 में आगजनी की घटनाओं से होने वाली मौतों में से 57.6% आवासीय भवनों में दर्ज की गई थी।

आगजनी की घटनाओं हेतु उत्तरदायी कारण

  • प्राकृतिक कारणः आकाशीय बिजली और भूकंप,
  • अनियोजित मानवीय कारणः शहरीकरण, अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करना आदि।

शहरी अग्नि सुरक्षा से संबंधित प्रावधान

  • संविधान की 12वीं अनुसूची (अनुच्छेद 243W) के तहत अग्निशमन सेवाओं को नगर पालिका के कार्यों में शामिल किया गया है।
  • भारतीय मानक ब्यूरो ने भारतीय राष्ट्रीय भवन संहिता (वर्ष 2016 में तीसरा संस्करण) प्रकाशित की है। यह संहिता आगजनी की रोकथाम, जीवन सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा से संबंधित है।
  • आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के आदर्श भवन उपनियम भवन सुरक्षा पर आधारित हैं।
  • इसके अनुसार अग्नि सुरक्षा के आधार पर मकान निर्माण की योजनाओं को स्वीकार/अस्वीकार करने के लिए मुख्य अग्निशमन अधिकारी की नियुक्ति की जानी चाहिए।

स्रोत –द हिन्दू

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