स्वतंत्रता सेनानी, और संविधान सभा के सदस्य सबसे युवा सदस्य टी.एम. कलियानन गौंडर का निधन

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स्वतंत्रता सेनानी, और संविधान सभा के सदस्य सबसे युवा सदस्य टी.एम. कलियानन गौंडर का निधन

स्वतंत्रता सेनानी, और संविधान सभा के सदस्य सबसे युवा सदस्य टी.एम. कलियानन गौंडर का निधन

हाल ही में भारतीय संविधान सभा के अंतिम जीवित सदस्य ‘टी.एम. कलियानन गौंडर’ का 101 वर्ष की आयु में पश्चिमी तमिलनाडु के थिरुचेंगोड में निधन हो गया।

एक विद्रोही युवा से गांधीवादी विचारधारा को अपनाने वाले कलियानन ने संविधान सभा के सदस्य के रूप में भी काम किया था। संविधान सभा के लिए चुने जाने पर वह केवल 27 वर्ष के थे।

टी.एम. कलियानन गौंडर

  • कलियानन गौंडर का जन्म 10 जनवरी, 1921 को नमक्कल के अकरायपट्टी गांव में हुआ था। वह मात्र 19 वर्ष की आयु में ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए थे, और भारतीय स्वाधीनता के सबसे बड़े आन्दोलनों में से एक भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय सहभागिता दिखाई।
  • गौंडर कथित तौर पर उस समय संविधान सभा के सबसे कम उम्र के सदस्य थे, और उन्होंने भारत की पहली अस्थायी संसद के सदस्य के रूप में भी योगदान दिया।
  • यद्यपि उन्हें कस्तूरीपट्टी जमींदार के रूप में जाना जाता था, वे एक सुधारवादी थे, जिन्होंने जमींदारी व्यवस्था के उन्मूलन का समर्थन किया था।

भारतीय संविधान सभा तथा संविधान निर्माण

  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर 1935 में पहली बार संविधान सभा की मांग की। यह विचार MN राय द्वारा प्रस्तावित था। ब्रिटिश सरकार ने 1940 के ‘अगस्त प्रस्ताव’ में इस बात को स्वीकार करते हुये वर्ष, 1942 में ‘क्रिप्स प्रस्ताव’ के अंतर्गत कांग्रेस की इस मांग को स्वीकार कर लिया गया। भारत का संविधान एक ‘संविधान सभा’ द्वारा निर्मित है। संविधान सभा की स्थापना वर्ष 1946 के कैबिनेट मिशन योजना के आधार पर की गई थी। तत्कालीन संविधान सभा में कुल 389 सदस्य थे, जिनमें से 292 प्रांतों के प्रतिनिधि थे, 93 रियासतों के प्रतिनिधि, और चार केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि सम्मिलित थे।
  • संविधान सभा की कार्यवाही 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत एक उद्देश्य प्रस्ताव के साथ शुरू हुई। संविधान सभा के सदस्यों को संप्रदाय के आधार पर तीन वर्गों मुस्लिम, सिख और सामान्य में विभाजित किया गया था। पहला अधिवेशन 9 दिसंबर 1946 को हुआ, मुस्लिम लीग ने इसका बहिष्कार किया। 3 जून 1947 की विभाजन योजना के माध्यम से पाकिस्तान के लिए एक अलग संविधान सभा का गठन किया गया था।
  • सच्चिदानंद सिन्हा को इस सभा का पहला अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद अध्यक्ष चुने गए। डॉ. भीमराव अंबेडकर को संविधान निर्माण समिति के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था। संविधान सभा ने 2 साल, 11 महीने, 18 दिनों में कुल 166 दिन बैठकें आयोजित किए।
  • संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई थी, और उसी दिन संविधान सभा द्वारा डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत का पहला राष्ट्रपति चुना गया था।
  • 26 नवंबर 1949 को जब संविधान सभा द्वारा संविधान पारित किया गया था, तब इसमें कुल 22 भाग, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थीं। वर्तमान में संविधान में 25 भाग, 395 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियां हैं।

भारत छोड़ो आंदोलन

  • 8 अगस्त 1942 को, महात्मा गांधी ने भारत में ब्रिटिश शासन को समाप्त करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया, जिसमें मुंबई में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सत्र में भारत छोड़ो आंदोलन शुरू करने का आह्वान किया गया।
  • ऐतिहासिक गोवालिया टैंक ग्राउंड में दिए गए अपने भाषण में गांधी जी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया था। यह मैदान अब ‘अगस्त क्रांति मैदान’ के नाम से जाना जाता है।
  • आंदोलन का तात्कालिक कारण क्रिप्स मिशन की विफलता थी।
  • फासीवाद के खिलाफ द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीयों का सहयोग प्राप्त करने के लिए भारत में ब्रिटिश शासन को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग के साथ, अंग्रेजों के भारत छोड़ने के बाद एक अंतरिम सरकार बनाने की मांग की गई थी।
  • इस आंदोलन को मुस्लिम लीग, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और हिंदू महासभा का समर्थन नहीं था। इस आंदोलन को भारतीय नौकरशाही का भी समर्थन नहीं मिला।

स्रोत: द हिंदू

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