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वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन 2021 (Global Climate Summit 2021)

वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन 2021 (Global Climate Summit 2021)

  • हाल ही में वर्ष 2021 के वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन (global climate summit) का आयोजन अमेरिका में किया गया है।
  • इस सम्मलेन की मेजबानी संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा की गई है।इस सम्मेलन में विश्व के 40 देशों के नेताओं ने भाग लिया है।
  • वैश्विक जलवायु शिखर सम्मलेन को वर्चुअली रूप आयोजित किया गया था ,जो 2 दिन (22-23 अप्रैल, 2021) तक चला।
  • भारत की तरफ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस सम्मेलन में भाग लिया है। इस सम्मेलन के दौरान 22 अप्रैल को भारत और अमेरिका ने “भारत-अमेरिका जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा एजेंडा 2030 भागीदारी (US-India Climate and Clean Energy Agenda 2030 Partnership)की शुरुआत की ।
  • इस समझौते के तहत दोनों देश सामरिक स्वच्छ ऊर्जा भागीदारी को बढ़ाएंगे एवं जलवायु कार्रवाई हेतु वित्त जुटाने का भी कार्य करेंगे ।
  • इसी के तहत नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से भारत ने 2030 तक 450 गीगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य भारत की जलवायु परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

क्या है जलवायु परिवर्तन ?

  • किसी स्थान की दीर्घकालीन मौसम संबंधी दशाओं जिनमें आर्द्रता, वायुमंडलीय दबाव और तापमान सम्मिलित हैं आदि के औसत को जलवायु कहते हैं। जब इस जलवायु में मानवीय एवं प्राकृतिक कारणों से परिवर्तन आ जाता है तो उसे जलवायु परिवर्तन की संज्ञा दी जाती है।
  • वर्तमान में जलवायु परिवर्तन के लिए मानव जिम्मेदार है।ग्लोबल वार्मिंग गैसों के कारण पृथ्वी का औसत तापमान काफी बढ़ रहा है। जिस वजह से जलवायु परिवर्तन का खतरा और गंभीर होता जा रहा है।
  • जलवायु परिवर्तन से तापमान में वृद्धि , वर्षा की अनियमितता सूखा और तूफान जैसी विनाशकारी घटनाओं में बढ़ोत्तरी होती है।

जलवायु परिवर्तन की समस्या समाधान हेतु वैश्विक संस्थाएं

  • जलवायु परिवर्तन का वैज्ञानिक आकलन करने हेतु ‘जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल (IPCC)’संयुक्त राष्ट्र का एक प्रमुख निकाय है।
  • वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को नियंत्रित करने के उद्देश्य से विभिन्न देशों के बीच जून, 1992 के पृथ्वी सम्मेलन के दौरान ‘संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मेलन (UNFCCC)’ नाम से एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता हुआ है।
  • ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से वर्ष 2015 में पेरिस समझौता किया गया। इस समझौते को ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को रोकने के लिये एक ऐतिहासिक कदम माना गया है।

भारत सरकार की पहल

  • भारत सरकार ने भी 8 मिशनों को शामिल करते हुए जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPCC) वर्ष 2008 में शुभारंभ की है।
  • राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC): भारत के लिए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) के घोषित लक्ष्य को 2030 तक प्राप्त करना है।
  • सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 30 नवम्बर, 2015 को पेरिस में भारत और फ्रांस मिलकर अंतर्राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संधि (आईएसए) की शुरुआत की गई।

स्रोत – पीआईबी

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