विभिन्न देशों की आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन पहल (Supply Chain Resilience Initiative)
हाल ही में कोविड -19 के चलते भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने परस्पर औपचारिक रूप से आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन पहल प्रारंभ की है।
इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में चीन की महत्ता को कम करना है| साथ ही COVID-19 महामारी के दौरान आपूर्ति श्रृंखला में आये व्यवधान को रोकना है। यह पहल मुख्य रूप से निवेश के विविधीकरण और डिजिटल प्रौद्योगिकी अपनाने पर केंद्रित होगी।
आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन पहल के उद्देश्य
- प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में वृद्धि और हिन्द-प्रशांत क्षेत्र को “आर्थिक पावरहाउस” में बदल देना।
- भागीदार देशों के बीच पूरक संबंधों का को बढ़ावा देना|
- वास्तविक आपूर्ति श्रृंखला नेटवर्क का निर्माण करना|
आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन पहल
इसे सर्वप्रथम जापान द्वारा प्रस्तावित किया गया था।इसका मुख्य उद्देश्य चीन पर निर्भरता कम करना है।
भारत को लाभ
- भारतीय उद्योग परिसंघ (Confederation of Indian Industry: CII) के अनुसार, भारत में चीनी आयात का हिस्सा 5% है।इन आयातों में मुख्यतः इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, मोटर वाहन पुर्जों, रसायन, शिपिंग और कपड़ा आदि प्रमुख है ।
- चीन से भारत के आयात में केवल इलेक्ट्रॉनिक्स का 45% हिस्सा शामिल है।वर्तमान में COVID-19 के दौरान, ये सभी क्षेत्र अत्यधिक प्रभावित हुए हैं क्योंकि भारत अपने कच्चे माल के लिए विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में चीन पर बहुत अधिक निर्भर था। अब भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान की इस पहल से इस निर्भरता को कम किया जा सकेगा
स्रोत – द हिन्दू