राज्य आपदा राहत कोष की पहली किस्त जारी की गयी

राज्य आपदा राहत कोष की पहली किस्त जारी की गयी

हाल ही में केंद्र सरकार ने देश में कोरोना महामारी के बढ़ते संकट के बीच राज्यों को ‘राज्य आपदा राहत कोष’ (State Disaster Response Fund- SDRF)से कुल राशि का 50% कोरोना की रोकथाम के उपायों के लिए जारी कर दिया है ।

विदित हो कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए राज्यों की दी जाने SDRF की कुल राशि 8,873 करोड़ रुपये है।जिसमें से अभी सरकार द्वारा राज्यों को प्रथम किश्त के रूप में 4,8 करोड़ ही रुपये प्रदान किये गए हैं ।

इस राशि का उपयोग राज्य कोविड-19 की रोकथाम के उपायों के लिए कर सकते हैं । आम तौर पर यह राशि जून माह में राज्यों को प्रदान की जाती है,लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसे मई माह में ही राज्यों को प्रदान कर दिया गया है ।

राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (State Disaster Response Funds)

  • SDRF का गठन आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत किया गया है ।SDRF, आपदाओं का मुकाबला करने के लिए राज्य सरकार के पास उपलब्ध प्रमुख फण्ड है।
  • इसके तहत केंद्र सरकार, सामान्य श्रेणी के राज्यों और केंद्र शासित राज्यों के लिए SDRF आवंटन का 75% का योगदान करती है।विशेष श्रेणी के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (उत्तर पूर्वी राज्यों, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू और कश्मीर) में लगभग 90% का योगदान करती है।
  • 2020 मेंगृह मंत्रालय ने COVID-19 को “अधिसूचित आपदा” के रूप में शामिल करने का आदेश जारी किया था। यह बाहर फंसे हुए प्रवासी मजदूरों सहित बेघर लोगों को अस्थायी आवास, कपड़े, भोजन, चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए किया गया था।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (National Disaster Response Funds)

  • वर्ष 2005 में आपदा प्रबंधन अधिनियम के लागू होने के बाद ,राष्ट्रीय आपदा आकस्मिकता निधि (National Calamity Contingency Funds) का नाम परिवर्तित कर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (National Disaster Response Fund) कर दिया गया है।
  • भारत सरकार के इसफंड्स को ‘लोक लेखा’ (पब्लिक अकाउंट)के तहत रखा जाता है।इन फंड्स के व्यय के लिए संसद की स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होती है। कुछ वस्तुओं पर उपकर लगाकर तथा उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क से इस फंड वित्त पोषण होता है SDRF, आपदाओं का मुकाबला करने के लिए राज्य सरकार के पास उपलब्ध प्रमुख फण्ड है।और इसे वित्त विधेयक के माध्यम से प्रतिवर्ष अनुमोदित किया जाता है।
  • राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष का नियंत्रक एवंऑडिटमहालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General) द्वारा किया जाता है।
  • इस फण्ड का उपयोग आपदाओं जैसे कि सूखा,ओलावृष्टि, कीटों के हमलों और शीत लहर ,ठंढयानी मूल रूप से किसानों से जुड़ी आपदाओं के लिए राहत गतिविधियों के लिए किया जाता है।
  • इस तरह की फंडिंग की निगरानी कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कृषि एवं सहकारिता विभाग द्वारा की जाती है। जबकि प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी गृह मंत्रालय द्वारा की जाती है।

आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005

  • आपदा प्रबंधन अधिनियम वर्ष 2005 में पारित हुआ था। लेकिन यह अधिनियम वर्ष 2006 से लागू हुआ ।इस अधिनियम का उद्देश्य आपदा के समय कुशल प्रबंधन से है। ताकि क्षति व नुकसान को सीमित किया जा सके।
  • आपदा प्रबंधन अधिनियम,2005 भारत सरकार के गृह मंत्रालय को समग्र राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन को संचालित करने के लिये नोडल मंत्रालय के रूप में कार्य करता है।

स्रोत – पी आइ बी

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