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म्यांमार के सबसे पुराने विद्रोही समूह ‘करेननेशनलयूनियन’ (Karen National Union- KNU)

म्यांमार के सबसे पुराने विद्रोही समूह ‘करेननेशनलयूनियन’ (Karen National Union- KNU)

  • हाल ही मेंम्यांमारके सबसे पुराने विद्रोही समूह ‘करेननेशनलयूनियन’ (Karen National Union- KNU), ने कहा है कि उसके लड़ाकों ने साल्वीन नदी के पश्चिमी तट पर स्थित सेना के एक कैंप पर कब्ज़ा कर लिया है।

पृष्ठभूमि

  • विदित हो कि कुछ समय पहले की सेना ने सरकार के खिलाफ तख्तापलट कर दिया था।इसके बाद से ही म्यांमार में तख्तापलट के खिलाफ आंदोलन चल रहे हैं ।
  • कुछ दिन पूर्व सेना ने तख्तापलट के खिलाफ आन्दोलन कर लोगों पर भरी सैन्य कार्यवाही कर विरोध प्रदर्शन कर रहे 500 लोगों को मौत के घात उतार दिया था ।
  • सेना कीइसी कार्रवाई के खिलाफ विद्रोही समूहों ने कहा कि अगर , सेना ने यह रक्तपात बंद नहीं किया तो वो विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ मिलकर सेना को जवाब देंगे।
  • सेना के खिलाफ जवाबीकार्यवाही के लिए म्यांमार के विभिन्न जातीय समूहों में से ताओंगनेशनललिबरेशनआर्मी, म्यांमार राष्ट्रीयता डेमोक्रेटिकअलायंसआर्मी और अराकानआर्मी (एए) ने एक बयान भी जारी किया था ।
  • इसी क्रम में हाल ही में एक जातीय अल्पसंख्यक “करेनविद्रोहियों” द्वारा म्यांमार सेना की चौकियोंपर हमले कर उनकी उत्तर पश्चिमी थाईलैंड की सीमा के करीब स्थित एक सैन्य पोस्ट को अपने कब्जे में कर लिया है ।
  • जिसके बाद सेम्यांमार सेना ने थाईलैंड की सीमा के नजदीक स्थित एक गाँव और सीमांत बस्ती पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं।

करेन विद्रोही और करेननेशनलयूनियन(KNU) का इतिहास

  • करेनम्यांमार का एक जातीय अल्पसंख्यक समुदाय है,जो थाईलैंड की सीमा के पास स्थित करेनअथवा कायिन (Kayin) राज्य में बसते हैं ।ये म्यांमारके सबसे पुराने विद्रोही समूह में से एक हैं। इनके द्वारा चलने वाला सरकार के खिलाफ नागरिक युद्ध दुनिया में सबसे लंबे समय तक चलने वाले नागरिक युद्धों में से एक है।
  • ये सरकार से वर्ष 1949 से अपने लिए एक स्वतंत्र राज्य “कावथूलेई” (Kawthoolei) के निर्माण के लिए संघर्ष करता आ रहा है,जो लगभग 70 वर्षों तक जारी रहा।
  • इस संघर्ष के कारण ही म्यांमारसे लगभग दो लाख से अधिक लोग थाईलैंड भाग गए हैं। जहाँ उन्हें शरणार्थी शिविरों रखा गया है ।
  • इसी स्वतंत्र राज्य की मांग के लिए उन्होंने अपना एक राजनीतिक संगठन बनाया था।जिसे‘करेननेशनलयूनियन’ (KNU) के नाम से जाना जाता है।
  • करेनका लक्ष्यजिन राज्यों में करेन समुदाय के लोग बहुसंख्यक है,उनमे आत्म-निर्णय (self-determination) का अधिकार हासिल करना है।
  • करेन समुदाय के लोगों की आबादी लगभग पांच से सात मिलियन के बीच है। करेनसमुदय द्वारा लगभग 20 से अधिक बोलियाँ बोली जाती हैं। इनमे से Pwoऔर Sgawसबसे व्यापक रूप से बोली जाती हैं।

म्यांमार में वर्तमान परिदृश्य

  • 1फरवरी 2021 को म्यांमार की सेना ने सैन्य तख्तापलटकर देश पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था ।और यहाँ की सत्ताधारी नेशनललीगफॉरडेमोक्रेसी पार्टी और स्टेट काउंसिलर आंग सान सू की को गिरफ्तार कर बंदी बना लिया था ।वर्तमानमें सेना का शासन है और यहाँ के वर्तमान नेता जनरल मिन आंग हलिंग (Min AungHlaing) हैं।
  • हाल ही में म्यांमारमें शांति बहाली को लेकर आसियान के नेताओं ने एक सम्मेलन आयोजित किया, और उन्होंने म्यामार के सैन्य नेता के साथपांच-बिंदुओंपर सहमति व्यक्त की है। भारत ने म्यांमार पर आसियान की पहल का स्वागत किया है।

स्रोत – द हिन्दू

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