महिलाओं हेतु नई लघु बचत योजना “महिला सम्मान बचत प्रमाण-पत्र “शुरू
हाल ही में जारी किये गए बजट 2023-2024 में महिलाओं के लिए नई लघु बचत योजना “महिला सम्मान बचत प्रमाण-पत्र ” शुरू की गई है।
महिला सम्मान बचत प्रमाण-पत्र को मार्च 2025 तक 2 साल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पर 7.5% का ब्याज प्रदान किया जाएगा । बचत – पत्र में आंशिक निकासी (withdrawal) का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
इसमें महिलाओं या लड़कियों के नाम से 2 साल तक की अवधि के लिए अधिकतम 2 लाख रुपये जमा करने की सुविधा होगी।
लघु बचत योजनाओं (SSSs) के बारे में
SSSs सरकार द्वारा प्रशासित निवेश साधन हैं। ये योजनाएं निवासियों को लंबी अवधि के लिए बचत करने हेतु प्रोत्साहित करती हैं।
अलग–अलग SSSs के तहत प्राप्त धन राष्ट्रीय लघु बचत कोष (NSSF) में जमा किया जाता है । NSSF को भारत के लोक लेखा के अंतर्गत 1999 में स्थापित किया गया था ।
लघु बचत योजनाओं के निम्नलिखित 3 प्रकार हैं:
डाक जमा: बचत खाता, आवर्ती जमा, सावधि जमा और मासिक आय योजना ।
बचत प्रमाण-पत्र: राष्ट्रीय लघु बचत प्रमाण-पत्र और किसान विकास – पत्र ।
सामाजिक सुरक्षा योजनाएं: लोक भविष्य निधि (PPF), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) और सुकन्या समृद्धि खाता योजना।
लघु बचत योजनाओं का महत्त्व
ये बैंक जमा की तुलना में थोड़ी अधिक ब्याज दर देती हैं।
कुछ लघु बचत योजनाओं में आयकर लाभ और सुनिश्चित रिटर्न भी मिलते हैं।
इससे प्राप्त धन का सरकार के कुछ व्ययों को वित्त पोषित करने के लिए भी उपयोग किया जाता है।
राष्ट्रीय लघु बचत कोष (NSSF)
भारत में राष्ट्रीय लघु बचत कोष (NSSF) की स्थापना 1999 में की गई थी।
राष्ट्रीय लघु बचत कोष (निगरानी और निवेश) नियम, 2001 के तहत वित्त मंत्रालय (आर्थिक मामलों का विभाग) इस कोष को प्रशासित करता है।
राष्ट्रीय लघु बचत कोष का उद्देश्य भारत के संचित निधि से छोटी बचत लेन-देन को हटाना और पारदर्शी तथा आत्मनिर्भर तरीके से उनका संचालन सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय लघु बचत कोष सार्वजनिक खाते के रूप में संचालित होता है, इसलिये इसका लेन-देन सीधे केंद्र के वित्तीय घाटे को प्रभावित नहीं करता है।
स्रोत – पी.आई.बी.