भारत बनेगा वैश्विक ग्रीन हाइड्रोजन हब

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भारत बनेगा वैश्विक ग्रीन हाइड्रोजन हब

भारत बनेगा वैश्विक ग्रीन हाइड्रोजन हब

हाल ही में इन्वेस्ट इंडिया’ और पी.एच.डी. चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) की पर्यावरण समिति द्वारा “अंतर्राष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन 2021: “भारत के हाइड्रोजन इकोसिस्टम को मज़बूत करना”(International Climate Summit-ICS, 2021: “powering India’s Hydrogen Eco system” आयोजित किया गया।

इस दौरान ग्रीनहाइड्रोजन के लिए भारत के भौगोलिक लाभ एवं क्षमताओं को रेखांकित किया गया। भारत द्वारा ‘हाइड्रोजन-212′ का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  इसमें ग्रीनहाइड्रोजन की उत्पादन लागत 2 डॉलर प्रति किलोग्राम से कम होगी।

ग्रीनहाइड्रोजन को किसी नवीकरणीय स्रोत (जैसे सौर फोटोवोल्टिक (PV) या पवन टरबाइन) द्वारा उत्पादित विद्युत धारा का उपयोग करके जल के विद्युत अपघटनके माध्यम से उत्पादित किया जाता है।

हाइड्रोजन सर्वाधिक स्वच्छ ईंधनों में से एक है। इसका वायु में दहन करने पर उपोत्पाद के रूप में केवल जल उत्पन्न होता है और कोई कार्बन-आधारित उत्सर्जन मुक्त नहीं होता है।

इसके संभावित अनुप्रयोगों में परिवहन, स्थायी विद्युत जैसे बैकअप पावर यूनिट और वहनीय अनुप्रयोग जैसे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, मनोरंजक उपकरण आदि शामिल हैं।

भारत में किए गए उपाय

  • इसके लिए भारत सरकार द्वारा ‘राष्ट्रीय हाइड्रोजन ऊर्जा रोडमैप’ का प्रवर्तन किया गया है।
  • वर्ष 2020 में, दिल्ली हाइड्रोजन युक्त सी.एन.जी. के साथ बसें संचालित करने वाला भारत का प्रथम शहर बन गया था।
  • नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा लेह में हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित बस परियोजना आरंभ की जाएगी।
  • राष्ट्रीय जल विज्ञान पोर्टल लॉन्च किया गया है।

इसके समक्ष प्रमुख चुनौतियां:

  • उच्च उत्पादन लागत, भंडारण में कठिनाई, हाइड्रोजन की अत्यधिक ज्वलनशीलता, निम्न मांग के कारण उत्पादन क्षमता के विकास में बाधा आदि।

हाइड्रोजन  के प्रकार

  • ग्रीन हाइड्रोजन: यह जल विद्युत, पवन औरसौर ऊर्जा जैसे ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों से विद्युत का उपयोग करके जल के विद्युत अपघटन द्वारा उत्पादित हाइड्रोजन है।
  • पिंक/पर्पल/रेड हाइड्रोजन:यहपरमाणु ऊर्जा का उपयोग करके विद्युत अपघटन द्वारा उत्पादित हाइड्रोजन है।
  • टरक्योइज़ (Turquoise) हाइड्रोजन: यह कार्बन डाइऑक्साइड, की बजाय मीथेन (मीथेन पायरोलिसिस) के तापीय विखंडन द्वारा उत्पादित हाइड्रोजन है । इससे ठोस कार्बन काउत्पादन होता है।
  • ब्लैक/ग्रे हाइड्रोजन : यह स्टीम-मीथेन रिफॉर्मिंग का उपयोग करके प्राकृतिक गैस से निष्कर्षित हाइड्रोजन है।
  • येलो हाइड्रोजन: यह ग्रिड से प्राप्त विद्युत काउपयोग करके विद्युत अपघटन द्वारा उत्पादित हाइड्रोजन है।
  • व्हाइट हाइड्रोजन : यह औद्योगिकप्रक्रियाओं के उपोत्पाद के रूप में उत्पादित हाइड्रोजन है।
  • ब्लू हाइड्रोजन: यह धूसर या भूरे रंग का ऐसा हाइड्रोजन, जिसकी कार्बन डाइऑक्साइड, प्रच्छादित यापुनःप्रयोज्य हो।
  • ब्राउन हाइड्रोजन:यह जीवाश्म ईंधन से निष्कर्षित हाइड्रोजन आमतौर पर गैसीकरण का उपयोग करके कोयले से निष्कर्षित की जाती है।

स्रोत –द हिन्दू

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