बिंटूरोंग

बिंटूरोंग

मणिपुर के उखरूल शहर में पुलिस और वन अधिकारी जंगली जानवरों (मृत या जीवित) जैसे बिंटूरोंग को रैफल ड्रॉ (लॉटरी जिसमें ईनाम में पैसे के बजाय वस्तु प्रदान की जाती हैं।) के लिये ईनाम के रूप में दिये जाने की खबरों के बाद “जुए के अड्डों” की जाँच कर रहे हैं।

नगालैंड का राजकीय पक्षी बेलीथ ट्रैगोपन है।

बिंटूरोंग के बारे में

  • बिंटूरोंग, (Arctictis binturong), जिसे भालू बिल्ली या बिल्ली भालू भी कहा जाता है, दक्षिण पूर्व एशिया के घने जंगलों में पाए जाने वाले सिवेट परिवार (Viverridae) के बिल्ली के समान सर्वाहारी जंतु है।
  • इसके लंबे बिखरे बाल, गुच्छेदार कान और एक लंबी, झाड़ीदार पूँछ होती है। पूँछ आम तौर पर काले रंग की होती है जिसमें कुछ सफेद बाल होते हैं।।
  • बिंटूरोंग मुख्य रूप से निशाचर(रात में घूमने-फिरने वाले) और क्रेपसकुलर (जो सांध्य के दौरान सक्रिय) होते हैं।
  • यह अक्सर पेड़ों पर पाया जाता है और इसकी झाड़दार पूँछ चढ़ाई में इसकी सहायता करता हैं। यह मुख्यतः अंजीर खाता है, लेकिन अंडे और छोटे जानवर भी खाता है।
  • कुछ क्षेत्रों में बिंटूरोंग को बड़े प्यार से पाला भी जाता है।
  • यह नेपाल, भारत और भूटान से लेकर दक्षिण की ओर सुमात्रा तथा जावा के इंडोनेशियाई द्वीपों एवं पूर्व की ओर बोर्नियो तक पाए जाते है।

संरक्षण:

  • इसे IUCN रेड लिस्ट में संकटग्रस्त श्रेणी में शामिल किया गया है।
  • इसके अलवा CITES की परिशिष्ट III में शामिल किया गया है।
  • भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची I में रखा गया है।

स्रोत – द हिन्दू

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