फोरम फॉर डीकार्बोनाइजिंग ट्रांसपोर्ट का शुभारंभ (Forum for Decarbonizing Transport) in India
हाल ही में , नीति आयोग और वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (WRI) इंडिया ने संयुक्त रूप से भारत में ‘फोरम फॉर डीकार्बोनाइजिंग ट्रांसपोर्ट’ का शुभारंभ किया है ।
- यह राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान- एशिया के लिए परिवहन पहल Nationally Determined Contribution-Transport Initiative for Asia: NDC-TIA) परियोजना का एक हिस्सा है ।
- NDC-TIA ‘7 संगठनों’ का एक संयुक्त कार्यक्रम है। यह संपूर्ण एशिया में शून्य-उत्सर्जन परिवहन की ओर एक आदर्श संक्रमण को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से चीन, भारत और वियतनाम को शामिल करेगा।
- यह परियोजना इंटरनेशनल क्लाइमेट इनीशिएटिव (IKI) का हिस्सा है। नीति आयोग भारत के लिए इसका कार्यान्वयन भागीदार है।
- ज्ञातव्य है कि परिवहन क्षेत्रक, भारत में तीसरा सर्वाधिक CO2 उत्सर्जक क्षेत्रक है।
डीकार्बोनाइजेशन की दिशा में उठाए गए प्रमुख उपाय:
- राष्ट्रीय परिवर्तनकारी गतिशीलता और बैटरीस्टोरेज मिशन (National Mission on Transformative Mobility and Battery Storage) के माध्यम से परिवर्तनकारी इलेक्ट्रिक वाहनों (EVS) को अपनाने पर बल दिया जा रहा है।
- उन्नत सेल रसायन बैटरी भंडारण विनिर्माण और विकास के लिए ऑटोमोबाइल और ऑटो-घटक उद्योग हेतु उत्पादन से संबद्ध प्रोत्साहन (Production-linked Incentive: PLI) योजना आरंभ की गई है।
- इलेक्ट्रिक (और हाइब्रिड) वाहनों का तीव्र अंगीकरण एवं विनिर्माण योजना (फेम/FAME) इंडिया योजना लागू की गई है।
- वर्ष 2025 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल सम्मिश्रण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
EVs को शक्ति प्रदान करने वाली लिथियम आयन बैटरी से संबंधित प्रमुख चुनौतियां:
- उच्च वोल्टेज पर अत्यधिक गर्म होने और क्षतिग्रस्त होने का खतरा।
- ऐसी बैटरियों की क्षमता का समय के साथ लोप होने लगता है।
- इन्हें चार्ज करने में अधिक समय लगता है।
- लीथियम के लिए आयात पर निर्भरता, जो लीथियम-ट्रायंगल (चिली, बोलीविया और अर्जेंटीना) तक सीमित है ।
स्रोत –द हिन्दू
