PPV-FRA ने आलू की किस्म पर पेप्सिको के बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) को रद्द किया

PPV-FRA ने आलू की किस्म पर पेप्सिको के बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) को रद्द किया

हाल ही मेंपौध किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (PPV-FRA) ने आलू की किस्म पर पेप्सिको के बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) को रद्द किया है।

  • PPV-FRA ने पेप्सिको को आलू की किस्म (FL-2027) पर दिए गए पौध किस्म संरक्षण (PVP) प्रमाण-पत्र को रद्द कर दिया है।
  • वर्ष 2019 में, पेप्सिको ने गुजरात के कुछ भारतीय किसानों पर FC5 आलू की किस्म की कृषि करने के लिए मुकदमा दायर किया था।FC5 में आलू के चिप्स जैसे स्नैक्स बनाने के लिए नमी की बहुत मात्रा कम होती है।
  • निरसन के लिए बताए गए कारणों में पंजीकरण के लिए आवश्यक प्रासंगिक जानकारी की कमी, कंपनी द्वारा गलत सूचना और अंततः अनुदान का सार्वजनिक हित में नहीं होना शामिल है।
  • पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण अधिनियम (PPV-FRA) को वर्ष 2001 में अधिनियमित किया गया था। इसका उद्देश्य वर्ष 1995 में भारत के विश्व व्यापार संगठन में शामिल होने के बाद भारतीय कृषि में बौद्धिक संपदा अधिकारों का सूत्रपात करना था। इसमें बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार-संबंधी पहलुओं (ट्रिप्स/TRIPS) पर समझौते को लागू करने के लिए सहमति दी गयी है।

अधिनियम की मुख्य विशेषताएं

  • ब्रीडर्स के पास संरक्षित किस्म के उत्पादन, बिक्री, विपणन, वितरण, आयात या निर्यात का विशेष अधिकार होगा।
  • प्रयोग या अनुसंधान करने के लिए शोधकर्ता इस अधिनियम के तहत किसी भी पंजीकृत किस्म का उपयोग कर सकते हैं।
  • वह किसान जिसने एक नई किस्म को विकसित किया है, वह उस किस्म के ब्रीडर के रूप में पंजीकरण एवं संरक्षण का पात्र है।
  • इस निर्णय के तहत PPV-FRA अधिनियम की धारा 39 में निहित किसानों की बीज स्वतंत्रता को कायम रखा गया है।

स्रोत – द हिंदू

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