पूर्वी क्षेत्र जिला सतत विकास लक्ष्य सूचकांक और डैशबोर्ड 2021-22 जारी

पूर्वी क्षेत्र जिला सतत विकास लक्ष्य सूचकांक और डैशबोर्ड 2021-22 जारी

हाल ही में , नीति आयोग ने उत्तर पूर्वी क्षेत्र जिला-सतत विकास लक्ष्य (Sustainable Development Goal : SDG) सूचकांक और डैशबोर्ड 2021-22 जारी किया है।

  • उत्तर पूर्वी क्षेत्र (NER) जिला सतत विकास लक्ष्य सूचकांक (SDG INDEX) और डैशबोर्ड देश में अपनी तरह का प्रथम प्रयास है। यह संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के तकनीकी समर्थन के साथ, नीति आयोग और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय (DONER) का एक सहयोगात्मक प्रयास है।
  • सूचकांक का विमोचन SDGs को “वैश्विक से राष्ट्रीय से स्थानीय तक ले जाने के दृष्टिकोण के साथ संरेखित करता है।
  • यह सूचकांक नीति आयोग के SDO इंडिया इंडेक्स पर आधारित है। यह आठ राज्यों, यथा-अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के जिलों के सतत विकास लक्ष्यों से संबंधित प्रदर्शन का मापन करता है। साथ ही, प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए यह प्रदर्शन के आधार पर जिलों को रैंकिंग भी प्रदान करता है।
  • राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों को उनके SDG-इंडिया इंडेक्स में प्राप्त अंकों के आधार पर चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है: आकांक्षी (Aspirant), प्रदर्शनकर्ता (Performer), अग्रणी (Front-Runner) और प्राप्तकर्ता (Achiever)।
  • रैंकिंग प्रदान करने के लिए शामिल किए गए 103 जिलों में से 64 जिले अग्रणी (फ्रंट रनर) श्रेणी में थे, जबकि 39 जिले, प्रदर्शनकर्ता श्रेणी में थे।

भारत में SDGs का स्थानीयकरण

  • SDGs का स्थानीयकरण सतत विकास एजेंडा- 2030 को उन स्थानीय प्रयासों और प्रभावों में परिणत कर रहा है, जो SDG की वैश्विक उपलब्धि में योगदान करते हैं।
  • यह रणनीतियों के विस्तार में तथा कार्यान्वयन के परिवर्तनकारी साधनों के उपयोग और निगरानी एवं रिपोर्टिंग के सुदृढ़ तरीकों के प्रयोग में सरकारों व हितधारकों के सभी स्टारों पर एकीकृत करने की आवश्यकता को संबोधित करता है।

उत्तर पूर्वी जिला -सतत विकास लक्ष्य सूचकांक निर्धारण की पद्धति

पहचान  -राज्यवार स्वीकार्यता और डेटा उपलब्धता के आधार पर राष्ट्रीय संकेतक फ्रेमवर्क (NIF)/SDG इंडिया इंडेक्स से संकेतकों का निर्धारण किया गया।

मानकीकरण –प्रत्येक संकेतक का अंकों के आधार पर पुनः निर्धारण किया गया है। इसमें 0 सबसे खराब प्रदर्शन को दर्शाता है और 100 लक्ष्य प्राप्ति को दर्शाता है।

भारांश –अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत प्रथाओं के अनुरूप प्रत्येक संकेतक के लिए समान भारांश अपनाया गया है।

पृथक पृथक लक्ष्य आधारित स्कोर –सभी संकेतकों के सामान्यीकृत मूल्यों के समांतर माध्य की गणना करके प्रत्येक जिले के कुल प्राप्तांक की गणना की गई है।

समग्र स्कोर – लक्ष्य आधारित सभी प्राप्तांकों के औसत के आधार पर सभी जिलों का समग्र SDG सूचकांक स्कोर निर्धारित किया गया है।

स्रोत – द हिन्दू

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