राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण

हाल ही में ‘राष्ट्रीय परिवार और स्वास्थ्य सर्वेक्षण’–5 (National Family and Health Survey-5) की फैक्टशीट जारी की गई है। NFHS-5 देश में सामाजिक-आर्थिक और स्वास्थ्य संकेतकों पर सबसे व्यापक सर्वेक्षण है

‘राष्ट्रीय परिवार और स्वास्थ्य सर्वेक्षण’ (NFHS) के इससे पहले 4 चरण, क्रमशः वर्ष 1992-93, 1998-99, 2005-06 और 2015-16 में आयोजित हुए हैं।

रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु:

  • सर्वेक्षण के अनुसार, महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक होने के साथ प्रजनन क्षमता में कमी आई है, और लगातार भारत में वृद्धों की संख्या बढ़ रही है।
  • विदित हो कि वर्ष 2019-2021 में, देश में 1000 पुरुषों पर 1,020 महिलाएं थीं। यह किसी भी ‘राष्ट्रीय परिवार और स्वास्थ्य सर्वेक्षण’ (NFHS) में और वर्ष 1881 में आयोजित पहली आधुनिक समकालिक जनगणना के बाद से, उच्चतम लिंगानुपात है।
  • सकल प्रजनन दर (Total Fertility Rate – TFR) में कमी आयी है, और यह उस सीमा से नीचे आ गई है जिस पर जनसंख्या के एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में प्रतिस्थापित होने की उम्मीद होती है।
  • 2019-2021 में सकल प्रजनन दर (TFR) मात्र 2 थी, जोकि ‘प्रतिस्थापन प्रजनन दर’ (1) से ठीक नीचे थी।
  • रिपोर्ट के अनुसार बच्चों के पोषण-स्तर में सुधार हुआ है, हालाँकि इसकी गति काफी धीमी रही है। 2015-16 में आयोजित पिछले ‘राष्ट्रीय परिवार और स्वास्थ्य सर्वेक्षण’ के बाद से बौनापन अर्थात ‘आयु के हिसाब से कम ऊंचाई’ (stunting), निर्बलता (ऊंचाई के हिसाब से कम वजन), और ‘भार में कमी’ (उम्र के हिसाब से कम वजन) वाले बच्चों की संख्या में कमी आई है।
  • भारत ‘खाद्य सुरक्षित’ हो सकता है, लेकिन पर्याप्त पोषण वयस्कों के लिए भी एक समस्या है। यद्यपि, भारत ‘खाद्य सुरक्षा’ हासिल कर चुका है, लेकिन 60 प्रतिशत भारतीय पौष्टिक आहार नहीं लेने की स्थित में नहीं हैं।

राष्ट्रीय परिवार और स्वास्थ्य सर्वेक्षण’ (NFHS) के बारे में:

  • राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (National Family Health Survey – NFHS) सम्पूर्ण देश में बड़े पैमाने पर किया जाने वाला एक बहु-चरणीय सर्वेक्षण है, इसमें संपूर्ण भारत में परिवारों के प्रतिनिधि प्रतिदर्शों (नमूनों) में आयोजित किया जाता है।
  • ‘राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण’, को भारत सरकार के ‘स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय’ नेतृत्व में आयोजित किया जाता है, इसमें मुंबई स्थित ‘अंतर्राष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान’ (International Institute for Population Sciences- IIPS) नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है।
  • ‘राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण’-5 में विशेष ध्यान वाले कुछ नए क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जैसे मृत्यु पंजीकरण, पूर्व-विद्यालय शिक्षा, बाल टीकाकरण के विस्तारित क्षेत्र, बच्चों के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों के घटक, मासिक धर्म स्वच्छता, शराब एवं तंबाकू के उपयोग की आवृत्ति, गैर-संक्रामक रोगों (एनसीडी) के अतिरिक्त घटक रोग, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी लोगों में उच्च रक्तचाप और मधुमेह को मापने के लिए विस्तारित आयु सीमा।
  • इन सभी से, मौजूदा कार्यक्रमों को मजबूत करने तथा नीतिगत हस्तक्षेप के लिए नई रणनीति विकसित करने के लिए आवश्यक विवरण प्राप्त होगा।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के प्रत्येक क्रमिक चरण के 2 विशिष्ट लक्ष्य होते हैं:

  1. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा अन्य एजेंसियों द्वारा नीति निर्माण व कार्यक्रम के अन्य उद्देश्यों की पूर्ति हेतु स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर अपेक्षित आवश्यक विवरण प्रदान करना।
  2. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी प्रदान करना।

स्रोत – पी आइ बी

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