LIC, GIC तथा न्यू इंडिया घरेलू बीमाकर्ता (D-SII) के रूप में बरकरार

LIC, GIC तथा न्यू इंडिया घरेलू बीमाकर्ता (D-SII) के रूप में बरकरार

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण ने LIC, GIC तथा न्यू इंडिया को प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण घरेलू बीमाकर्ता (D-SII) के रूप में बरकरार रखा है।

  • भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), भारतीय सामान्य बीमा निगम (GIC) और न्यू इंडिया को वर्ष 2020-21 के समान ही वर्ष 2021-22 के लिए भी D-Sllsके रूप में बनाए रखा गया है।
  • भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) वार्षिक आधार पर D-Silsको निर्धारित करता है।
  • D-SIlsऐसे आकार, बाजार महत्व और घरेलू एवं वैश्विक रूप से परस्पर जुड़े बीमाकर्ताओं को संदर्भित करता है, जिनके संकटग्रस्त या विफल होने से घरेलू वित्तीय प्रणाली में व्यापक अव्यवस्था उत्पन्न हो जाएगी।
  • इस प्रकार राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए बीमा संबंधी सेवाओं की बाधा रहित उपलब्धता हेतु इनका निरंतर कार्यशील रहना बहुत महत्वपूर्ण है।
  • ये बीमाकर्ता के रूप में ‘इतने विशाल या महत्वपूर्ण होते हैं कि इन्हें विफल नहीं होने दिया जा सकता।

D-SIIsके निर्धारण हेतु मानदंड

  • सकल राजस्व के संबंध में परिचालन के आकार सहित कराए गए बीमा के प्रीमियम और प्रबंधन के तहत परिसंपत्ति के मूल्य के आधार पर।
  • एक से अधिक क्षेत्राधिकार में वैश्विक गतिविधियों के आधार पर।

D-Sllsके महत्व के कारण, इनके लिए प्रणालीगत जोखिमों और नैतिक खतरों के मुद्दों से निपटने के लिए अतिरिक्त विनियामक उपाय किए गए हैं।

इसी प्रकार, भारतीय रिज़र्व बैंक प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण घरेलू बैंक (D-SIBs) या बैंक “जिन्हें विफल नहीं होने दिया जा सकता”का निर्धारण करता है।

SBI, ICICI और HDFC बैंकों को वर्ष 2020-21 के लिए D-SIBsके रूप में निर्धारित किया गया है।

स्रोत – द हिन्दू

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