नो मनी फॉर टेरर (NMFT) मंत्रिस्तरीय सम्मेलन

नो मनी फॉर टेरर (NMFT) मंत्रिस्तरीय सम्मेलन

  • हाल ही में नो मनी फॉर टेरर’ (No Money for Terror-NMFT) पर मंत्री स्तरीय सम्मेलन का आयोजन 18 से 19 नवंबर तक नई दिल्ली मे किया गया है।
  • केंद्रीय गृह मंत्री ने ‘नो मनी फॉर टेरर (NMFT)) मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में ‘आतंकवाद और आतंकवाद के वित्त पोषण के वैश्विक रुझान’ विषय पर संबोधन दिया है।
  • तीसरे NMFT सम्मेलन को संबोधित करते हुए, गृह मंत्री ने आतंकवाद के ‘डायनामाइट से मेटावर्स’ और AK-47 से वर्चुअल एसेट्स’ में परिवर्तित होने पर चिंता प्रकट की है।

मुख्य निष्कर्ष

  • सम्मेलन में कट्टरवाद को बढ़ाने में डार्कनेट की भूमिका को रेखांकित किया गया। साथ ही, क्रिप्टोकरेंसी जैसी वर्चुअल परिसंपत्तियों में वृद्धि के कारण आतंकवादियों के वित्त-पोषण को रोकने में आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा की गई।
  • इसे रोकने के लिए एक मजबूत और कुशल संचालन प्रणाली की आवश्यकता है।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और इंटरपोल जैसे संगठन इस संबंध में सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं।
  • वैश्विक समुदाय से आतंकवाद के वित्त पोषण के ‘मोड – मीडियम – मेथड को समझने का आग्रह किया गया।
  • आतंकवाद के वित्त पोषण पर नियंत्रण के लिए ‘वन माइंड, वन अप्रोच’ के सिद्धांत को अपनाने का सुझाव दिया गया ।
  • आतंक के वित्त पोषण के खिलाफ भारत की रणनीति को रेखांकित किया गया।

आतंकवाद के वित्त पोषण के खिलाफ भारत की रणनीति के छह स्तंभ

  1. विधायी और तकनीकी ढांचे को मजबूत बनाना ।
  2. कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी साझाकरण तंत्र स्थापित करना और जांच प्रक्रिया व पुलिस ऑपरेशन्स को मजबूत करना ।
  3. कानूनी संस्थाओं और नई तकनीकों का दुरुपयोग रोकना ।
  4. व्यापक निगरानी ढांचे का निर्माण करना ।
  5. संपत्ति को जब्त करने का प्रावधान करना ।
  6. अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एवं समन्वय स्थापित करना ।

आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रमुख पहलें:

  • गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम में संशोधन किए गए हैं।
  • राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) को और अधिक शक्तियां प्रदान की गई हैं।
  • सूचना साझा करने में मदद करने के लिए नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (NATGRID) की स्थापना की गई है।
  • आतंकी खतरों की स्थितियों में त्वरित और अधिक प्रभावी कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड हब स्थापित किए गए हैं ।
  • भारत ने वर्ष 1986 में संयुक्त राष्ट्र संघ में ‘अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक कन्वेंशन (CCIT) पर एक मसौदा दस्तावेज प्रस्तावित किया था ।

नो मनी फॉर टेररमंत्रिस्तरीय सम्मेलन(No Money for Terror Ministerial Conference)

  • यह सम्मेलन एग्मोंट ग्रुप (Egmont Group) द्वारा आयोजित किया जाता है।
  • यह एग्मोंट ग्रुप 164 देशों की वित्तीय खुफिया इकाइयों (Financial Intelligence Units) का समूह है।
  • वर्ष 2018 में इस सम्मेलन का प्रथम आयोजन पेरिस में किया गया था।
  • यह समूह मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण से निपटने के लिये विशेषज्ञता एवं वित्तीय खुफिया जानकारी के सुरक्षित आदान-प्रदान के लिये एक मंच प्रदान करता है।

स्रोत – द हिन्दू

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