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नेट ज़ीरो उत्पादक मंच (Net Zero Producers’ Forum)

नेट ज़ीरो उत्पादक मंच (Net Zero Producers’ Forum)

  • हाल ही में कार्बन तटस्थता के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न देशों ने आपसी सहकारिता पर आधारित ‘नेट ज़ीरो उत्पादक मंच (Net Zero Producers’ Forum)’का निर्माण किया है।
  • इस ‘सहकारी मंच’ (कोआपरेटिव फोरम) में अमेरिका, कनाडा,कतर और नॉर्वे देश के अलावा हाल ही में सऊदी अरब भी सम्मिलितहो गया है।
  • इस मंच का उद्देश्य शुद्ध शून्य उत्सर्जन रणनीतियों (net zero emission strategies) हेतु व्यावहारिक कार्यप्रणाली का विकास करना है।
  • जलवायु परिवर्तन पर हुए पेरिस समझौते को अमल में लाने के उद्देश्य से प्रमुख तेल एवं गैस उत्पादक देशों ने इस फोरम का गठन किया है।
  • विदित हो कि सामूहिक रूप से ये देश सम्पूर्ण विश्व का 40% तेल और गैस का उत्पादन करते हैं।

नेट ज़ीरो प्रोड्यूसर्स फोरम (Net Zero Producers Forum)का लाभ

  • इस मंच के माध्यम से वृत्ताकार कार्बन अर्थव्यवस्था (circular carbon economy) के दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा।
  • स्वच्छ-ऊर्जा, कार्बन कैप्चर और भंडारण हेतु प्रौद्योगिकियों में वृद्धि होगी ।
  • यह हाइड्रोकार्बन राजस्व पर निर्भरता में परिवर्तन लाने की ओर अग्रसर होगा।
  • मीथेन के न्यूनीकरण (methane abatement)को समर्थन करेगा एवं प्रत्येक देश की राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुसार विविध रणनीतियों और तकनीकों पर विचार करेगा।

‘नेट-ज़ीरो’ क्या है?

  • ‘कार्बन-तटस्थता’ (carbon-neutrality) को ही ‘नेट-ज़ीरो’ कहते है।नेट जीरो से तात्पर्य यह नहीं है कि ,कोई देश अपने सकल उत्सर्जन को शून्य तक ले जाएगा।
  • ‘नेट-ज़ीरो’ एक ऐसी अवस्था है, जिसमें किसी देश के उत्सर्जन को ‘वायुमंडल से ग्रीनहाउस गैसों के अवशोषण तथा निराकरण’ के द्वारा क्षतिपूर्ती की जाती है।
  • कार्बन के अवशोषण हेतुअत्यधिक संख्या में कार्बन सिंक, अर्थात वन इत्यादि लगाये जा सकते हैं ,जबकि वायुमंडल से गैसों का निराकरण करने अथवा निष्कासित करने के लिए कार्बन कैप्चर और भंडारण जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की आवश्यकता होती है।

विभिन्न देशों के लक्ष्य

  • अमेरिका ने अप्रैल 2021 ‘लीडर्स समिट ऑन क्लाइमेट (Leaders Summit on Climate)’के आयोजन पर घोषणा की थी कि, वह अपने कार्बन उत्सर्जन के स्तर को 2005 के स्तरों की तुलना में 50% से 52% तक कम करेगा।
  • विदित हो कि, सऊदी अरब दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल निर्यातक देश है।यह देश भीवर्ष 2030 तक अक्षय ऊर्जा से अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं की50% की पूर्ति करेगा ,जिसके तहत कार्बन उत्सर्जन मेंकमी लाना भी शामिल है।
  • कनाडा ने 2005 के कार्बन स्तरों की तुलना में 30% तक ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम करने का लक्ष्य रखा है।

नॉर्वे के जलवायु लक्ष्य

  • नॉर्वे यूरोपीय संघ के जलवायु कानून के समझौते के लिए प्रतिबद्ध है। जिसके तहत यूरोपीय संघ ने 1990 के स्तर की तुलना में ग्रीन हाउस गैसों को 55% तक कम करने का लक्ष्य रखा है।
  • हालाँकिनॉर्वे यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं है।लेकिन यह यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र (European Economic Area) की सदस्यता से इस संघ से जुड़ा हुआ है।

स्रोत: द हिन्दू

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