त्रिपुरा अगरवुड नीति

त्रिपुरा अगरवुड नीति

त्रिपुरा अगरवुड नीति

हाल ही में त्रिपुरा राज्य में वर्ष 2025 तक राज्य में 2000 करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था विकसित करने के लिए राज्य के ‘अगरवुड’ (Agarwood) व्यवसाय को उन्नति प्रदान करने के लिए ‘त्रिपुरा अगरवुड नीति 2021’ का मसौदा जारी किया गया है।

केंद्र सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल के एक भाग के रूप में इस 100 करोड़ रुपये के परिव्यय की यह परियोजना को आरम्भ किया गया  है।

‘अगरवुड’ के बारे में:

  • अगरवुड एक वृक्ष का नाम है जिसका वैज्ञानिक नाम (एक्विलारियामैलाकेंसिस– Aquilariamalaccensis) है, इसके तेल को लिक्विडगोल्ड के नाम से भी जाना जाता है।
  • वैश्विक बाजार में एक लीटर‘अगर तेल’ की कीमत 5 लाख रुपये है।
  • IUCN द्वारा इस वृक्ष को‘गंभीर रूप से संकटापन्न श्रेणी’ (critically endangered category) में सूचीबद्ध किया गया है।
  • अगरवुड का वृक्ष, पूर्वोत्तर भारत, बांग्लादेश, भूटान और दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ भागों की स्थानिक प्रजाति है।यह एक सदाबहार पेड़ है, जो 40 मीटर की ऊंचाई तक बढ़ सकता है।

स्रोत – द हिन्दू

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