जन शिक्षण संस्थान

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जन शिक्षण संस्थान

जन शिक्षण संस्थान

हाल ही में जन शिक्षण संस्थान (Jan Shikshan Sansthan – JSS) ने केरल के नीलांबुर जंगल के अन्दर कुछ दूर-दराज की आदिवासी बस्तियों में हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा प्रदान करना आरंभ की है।

आदिवासी बस्तियों को हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा लंबी दूरी की वाई-फाई तकनीक (Long-range Wi-Fi) की बदौलत उपलब्ध हुई है।

जन शिक्षण संस्थान (JSS) के बारे में

‘जन शिक्षण संस्थान’ योजना को पहले ‘श्रमिक विद्यापीठ’ के नाम से जाना जाता था। यह ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास के लिए की गयी एक पहल है। इस योजना को वर्ष1967 से, सम्पूर्ण देश में गैर सरकारी संगठनों के नेटवर्क के माध्यम से लागू किया जा रहा है।

उद्देश्य:

  • निरक्षर और नव साक्षर तथा कक्षा 8 तक प्राथमिक स्तर की शिक्षा पाने वाले और कक्षा 8से आगे पढाई छोड़ देने वाले व्यक्तियों के व्यावसायिक कौशल और तकनीकी ज्ञान में सुधार करना।
  • प्रशिक्षण एवं अभिविन्यास कार्यक्रमों के माध्यम से कौशल विकास के विभाग/एजेंसियों में कार्यरत मास्टर प्रशिक्षकों का एक समूह तैयार करना।
  • सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रणालियों के ज्ञान और समझ के दायरे का विस्तार करना और पर्यावरण के बारे में जागरूकता पैदा करना।
  • राष्ट्रीय मूल्यों को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय कार्यक्रमों के साथ तालमेल बिठाना।
  • ऋण और सहायता संघो की सदस्यता के माध्यम से लक्षित समूहों के लिए ऋण सहित स्वरोजगार को बढ़ावा देना और वित्तीय सहायता की सुविधा प्रदान करना।

‘लंबी दूरी की वाई-फाई’

  • यह वाई-फाई 5GHz फ़्रीक्वेंसी पर कार्य करती है। इसमें 5 टावरों की सहायता से 100 mbps की गति से इंटरनेट उपलब्ध कराया जाता है।
  • इसके लिए, सर्वर इस तरह से लगाए जाते हैं जिससे कम से कम 250 उपयोगकर्ता एक साथ इंटरनेट का उपयोग कर सकें।
  • लंबी दूरी की वाई-फाई तकनीक के माध्यम से, संचरण में बगैर किसी बाधा के 100 किमी तक भी हाई-स्पीड इंटरनेट प्रदान किया जा सकता है।

स्रोत –द हिन्दू

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