गगनयान के प्रक्षेपण की घोषणा तय
हाल ही में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने वर्ष 2023 में गगनयान के प्रक्षेपण की घोषणा की है ।
यह भारत का प्रथम मानव अंतरिक्ष मिशन है। इसकी घोषणा वर्ष 2018 में की गई थी। इसे वर्ष 2022 में प्रक्षेपित किया जाना था, किंतु कोविङ-19 वैश्विक महामारी के कारणइसके प्रक्षेपण में विलंब हो गया।
गगनयान के पहले चालक दल रहित (Un-crewed) मिशन का प्रक्षेपण वर्ष2022 की दूसरी छमाही के लिए निर्धारित है। इसके बाद दूसरा चालक दल रहित मिशन, व्योममित्र को साथ ले जाएगा। व्योममित्रइसरो (ISRO) द्वारा विकसित एक मानव रोबोट रूपी अंतरिक्ष यात्री है।
अंततः वर्ष 2023 में प्रथम चालक दल सहित (crewed) गगनयान मिशन को प्रक्षेपित किया जाना है।
गगनयान के बारे में
- इसका उद्देश्य भारतीय प्रक्षेपण यान पर मानव को निम्न भू कक्षा (LEO) में भेजने और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाने की क्षमता प्रदर्शित करना है।
- यह 5-7 दिनों के लिए पृथ्वी से 300-400 कि.मी. की ऊंचाई पर निम्न भू-कक्षामें पृथ्वी की परिक्रमा करेगा।
- ऑर्बिटल मॉड्यूल में एक महिला सहित तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्री होंगे।
पेलोड में शामिल हैं:
- क्रूमॉड्यूल – मानव को ले जाने वाला अंतरिक्ष यान; सर्विसमॉड्यूल – दो तरल प्रणोदक इंजनों द्वारा संचालित।
- इसमें आपातकालीन निकास और आपातकालीन रूप से मिशन को निरस्त करने की क्षमता है।
- GSLV Mk 3, जिसे LVM -3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3) भी कहा जाता है, तीन चरणों वाला भारी उत्थापन प्रक्षेपण यान है। इसका उपयोग गगनयान को प्रक्षेपित करनेके लिए किया जाएगा।
स्रोत – द हिन्दू