काज़ीरंगा परियोजना पर भारत– फ्राँस साझेदारी
हाल ही में भारत और फ्राँस काज़ीरंगा परियोजना पर सहयोग हेतु सहमत हुए हैं।
इस परियोजना के लिए फ्राँस के एजेन्स फ्रैंकाइस डी डेवेलोपेमेंट (AFD) ने वर्ष 2014-2024 के बीच 10 वर्ष साल की अवधि के लिये 80.2 मिलियन यूरो का वित्त पोषण किया है।
काज़ीरंगा परियोजना के बारे में
- काज़ीरंगा परियोजना वन और जैव विविधता संरक्षण (APFBC) इस परियोजना का एक हिस्सा है।
- असम सरकार ने AFD के समर्थन से वर्ष 2012 में वन पारिस्थितिक तंत्र को बहाल करने, वन्यजीवों की रक्षा करने और वन-निर्भर समुदायों की आजीविका बढ़ाने के लिये APFBC की शुरू किया।
- इस परियोजना ने वर्ष 2024 तक 33,500 हेक्टेयर भूमि के पुनर्वनीकरण और वैकल्पिक आजीविका में 10,000 समुदाय के सदस्यों के प्रशिक्षण की अवधारणा की।
काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के बारे में
- काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान असम राज्य में स्थित है जो ब्रह्मपुत्र घाटी बाढ़ के मैदान में एकमात्र सबसे बड़ा अविभाजित और प्रतिनिधि क्षेत्र है।
- काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान 42,996 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। इस उद्यान को वर्ष 1974 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। इसके बाद वर्ष 2007 में टाइगर रिज़र्व घोषित किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय स्थिति:
- उद्यान को वर्ष 1985 में यूनेस्को की विश्व धरोहर घोषित किया गया था। साथ ही इसे बर्डलाइफ इंटरनेशनल द्वारा एक महत्त्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र के रूप में मान्यता दी गई है।
- जैव विविधता: विश्व में सर्वाधिक एक सींग वाले गैंडे काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में ही पाए जाते हैं।
- गैंडो की संख्या के मामले में असम के काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के बाद पोबितोरा (Pobitora) वन्यजीव अभयारण्य का दूसरा स्थान है, जबकि पोबितोरा अभयारण्य विश्व में गैंडों की उच्चतम जनसंख्या घनत्व वाला अभयारण्य है।
- काज़ीरंगा में संरक्षण प्रयासों का अधिकांश ध्यान ‘चार बड़ी ‘ प्रजातियों- राइनो, हाथी, रॉयल बंगाल टाइगर और एशियाई जल भैंस पर केंद्रित है।
- वर्ष 2018 की जनगणना में 2,413 गैंडे और लगभग 1,100 हाथी थे।
- वर्ष 2014 में आयोजित बाघ जनगणना के आँकड़ों के अनुसार, काज़ीरंगा में अनुमानित 103 बाघ थे, उत्तराखंड में जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान (215) और कर्नाटक में बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान (120) के बाद भारत में यह तीसरी सबसे बड़ी आबादी है।
- काज़ीरंगा में भारतीय उपमहाद्वीप में पाए जाने वाले प्राइमेट्स की 14 प्रजातियों में से 9 का निवास भी है।
नदियाँ और राजमार्ग:
- लगभग 250 से अधिक मौसमी जल निकाय (Water Bodies) उद्यान में हैं, इसके अलावा डिपहोलू नदी (Dipholu River ) इससे होकर गुज़रती है।
- राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-37 इस उद्यान क्षेत्र से गुज़रता है।
स्रोत – द हिन्दू